Friday, 12 June 2015

एक गरीब मां की होनहार बेटी मीना मेहरा

 दीपक परोहा 9424514521 जबलपुर। ‘एक गरीब माँ रात भर पत्थर उबालती रही...बच्चे पानी पीकर सो गए ...’ किसी कवि की ये पंक्तियां तहसीलदार मीना मेहरा के जीवन में सटीक उतरती है। मीना मेहरा और उसकी बहनों व भाइयों का बचपन बेहद गरीबी और फांकेहाली की स्थिति में गुजरा था। उनकी मां कई बार बेर की झाड़ी से बेरी तोड़कर बच्च्चों को खिलाकर उन्हें सुला देती थी और कई बार वे कहती थी कि आज बेर का भी जुगाड़ नहीं है।  सिवनी जिले में पदस्थ मीना मेहरा से जब उनके एजूकेशन और स्कूल के दिनों के बारे में पूछा गया तो अपने उन दिनों की याद आने पर आंखें भर आई है। तहसीलदार मीरा मेहरा का जीवन संघर्ष भरा जरूर रहा लेकिन उन्होंने विभाग में अपनी मेहनत लगन से वो नाम अर्जित किया है जो कम ही लोग होता है। अपने जीवन में मीरा मेहरा को जो फांकाहाली का सामना करना पड़ा है उससे वे भूखे रहने का पीड़ा जानती है, उनके घर से कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा नहीं जाता है।    पिता खाली हाथ लौटते थे रोज  मीना मेहरा के पिता कमल सिंह नरसिंहपुर जिले से जबलपुर काम की तलाश में आए थे, प्रिंटग प्रेस का काम जानते थे। प्रतिदिन घर से काम के लिए निकलते थे लेकिन कई -कई दिन काम नहीं मिलता था। ऐसे में खाली हाथ की अक्सर घर लौटते थे। उनकी मां श्रीमती सरोज सिंह सिलाई कढ़ाई कर किसी तरह परिवार को गुजरबसर करती रही।  दुकानदार देता था उधार में किताब  मीना मेहरा और उसके परिवार की मॉली हालत जानकर बस स्टेंड में एक स्टेशनरी वाला कापी किताब उधार में दे दिया करता था, मीना मेहरा बताती है कि अब न जाने कहां किताब वाला चला गया है, उसकी उधारी चुकानी है।        डिप्टी कलेक्टर बन सकती थी मीरा मेहरा ने पीएससी की परीक्षा दी तो उन्होंने प्रथम वरियता नायब तहसीलदार के लिए  भरा लेकिन जब परीक्षा परिणाम निकला तो उन्हें इंटरव्यू में बताया गया कि उनका प्रावीण्य सूची में स्थान है यदि आप डिप्टी कलेक्टर के लिए फार्म में प्रथम वरियता भरती तो डिप्टी कलेक्टर के लिए चयन किया जाता।  वर्तमान में अपने कार्य के प्रति वे संतुष्ट हैं और उनका प्रयास रहता है कि गरीबों का उत्थान हो और उनके क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति भूखे पेट न सोए।  वर्तमान में मीरा मेहरा धनौरा जिला सिवनी में तहसीलदार है। उनसे बड़ी बहन श्रीमती माया दास महिला बाल विकास अधिकारी, बड़े भाई अमर सिंह एसबीआई में अधिकारी तथा छोटा भाई राजेन्द्र सिह स्पोर्ट आफिसर इंजीनियरिंग कालेज में हैं।  

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