Saturday, 5 December 2015

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के बुरे हाल : इंजेक्शन लगाने से बालक की मौत 19.10.15


चपरासी बना है खलौड़ी स्वास्थ्य केन्द्र का डॉक्टर
बालक की मौत का मामला गांव में ही दब गया
दीपक परोहा
9424514521
जबलपुर। स्वास्थ्य विभाग भले ही अपने स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सीय सुविधाओं के लिए लाख दावे करे, लेकिन आज भी प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं, जहां डॉक्टर जाने को तैयार नहीं हैं। कहीं चपरासी तो कहीं वार्ड ब्वॉय स्वास्थ्य केन्द्र संभाल रहे हैं और गांव के डॉक्टर बन बैठे है। शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में ये हाल हैं तो ऐसे में कहां से झोलाछापों पर अंकुश लगेगा। मंडला के मोतीनाला थाना क्षेत्र स्थित खलौड़ी प्राथमिक केन्द्र में इंजेक्शन लगाने के बाद बालक की मौत होेने से ये मामला सामने आया है, किन्तु बालक के मौत की घटना दब गई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग भी गंभीर नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आदिवासी जिला मंडला में सुदूर मोतीनाला थाना क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है। यहां एक नर्स और एक चपरासी के भरोसे ही स्वास्थ्य केन्द्र चल रहा है। वर्षों से चपरासी ही डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर ग्रामीणों का इलाज करता आ रहा है। इस बात से स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में है, लेकिन जब कम वेतन वाला चपरासी ही डॉक्टर का काम कर रहा है और डॉक्टर गांव जाने तैयार नहीं हैं तो हर्ज क्या है? ये जिम्मेदारों की सोच है।
ऐसे हुई घटना
बताया गया कि रविवार को ग्राम खलौड़ी निवासी संतराम यादव अपने 3 वर्षीय पुत्र देवराज यादव को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचा। बालक को दो दिनों से बुखार आ रहा था। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की नर्स जो लेडी डॉक्टर का काम संभालती है, वह किसी की डिलीवरी कराने गई हुई थी। भृत्य अशोक रांझ मौजूद था।
उसने दो इंजेक्शनों को मिला कर एक इंजेक्शन तैयार किया तथा बुखार पीड़ित बालक को लगा दिया। इसके बाद बच्च्चे को घर ले जाने के लिए कहा गया। बच्चे की हालत घर पहुंचने के बाद ओर बिगड़ गई और एक घंटे बाद उसकी मौत हो गई। गांव में इसको लेकर हंगामा जरूर मचा, लेकिन पिता को समझा दिया गया कि ज्यादा विरोध करोगे तो यह स्वास्थ्य केन्द्र भी बंद हो जाएगा। गांव वालों को जो दवाइयां मिल जाती हैं वह भी बंद हो जाएगी और इस तरह मामला दब गया।
डॉ. केपी मेश्राम, सीएचएमओ, जिला अस्पताल, मंडला से सीधी बातचीत
* प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खलौड़ी में डॉक्टर नहीं है, क्या आपको मालूम है, वहां चपरासी अशोक रांझ की मरीजों का इलाज करता है?
** स्वास्थ्य केन्द्र में कोई डॉक्टर नहीं है, लेकिन एक नर्स जरूर है। अशोक रांझ अस्पताल का चपरासी नहीं है वह वार्ड ब्वॉय है।
* फिर लोगों को प्राथमिक उपचार
कौन करता है?
** नर्स और वार्ड ब्वॉय की प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को चला रहे हैं।
* अशोक रांझ के इंजेक्शन लगाने से एक बालक की मौत हो गई?
** मेरे संज्ञान में मामला आया था मैंने पता किया है।
* क्या पता चला आपको?
** वार्ड ब्वॉय ने बुखार उतारने और एंटीबायटिक्स का इंजेक्शन दिया था। बालक की मौत अस्पताल में नहीं, बल्कि दो घंटे बाद हुई। इस इंजेक्शन लगाने से मौत नहीं होती है।
*  क्या मामले की जांच होगी?
**  किसी को कोई शिकायत नहीं है, जांच नहीं होगी।
थाना प्रभारी मोतीनाला कौशल सूर्या से बातचीत
* खलौड़ी स्वास्थ्य केन्द्र में चपरासी के इंजेक्शन लगाने से बालक की मौत हो गई, क्या मामले की पुलिस जांच कर रही है।
** जी नहीं, मामले की कोई सूचना और रिपोर्ट थाने में नहीं पहुंची।
* क्या इस घटना की जानकारी आप को है?
** जब तक थाने में सूचना नहीं आती है,  तब तक हम कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। हमारी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। 

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