* वारासिवनी से मानव तस्करी का मामला, फिलहाल अपहरण का मामला दर्ज
-कर्नाटक से मुक्त कराया पुलिस ने नाबालिग सहित 10 श्रमिकों को
जबलपुर। समीपवर्ती जिला बालाघाट के वारासिवनी थाना क्षेत्र के ग्राम
गर्रा के पांच नाबालिग तथा पांच युवकों को कर्नाटक में बंधुआ मजदूर बना लिया गया है। बालाघाट पुलिस ने दबिश देकर पांच नाबालिगों सहित 10 लोगों को मुक्त कराकर बालाघाट लेकर आ रही है। इनको बहला-फुसला कर अपहृत करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुलिस ने फिलहाल अपहरण का मामला दर्ज किया है तथा उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए का इनाम आईजी बालाघाट ने घोषित किया है।
बालाघाट एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि ग्राम धापेवाड़ा निवासी विजय नगपुरे रोजगार दिलाने तथा अच्छी कमाई का झांसा देकर गर्रा मशीनटोला के लगभग 10 युवकों को अपने साथ कर्नाटक ले गया था। इसमें 5 नाबालिग भी शामिल थे। वहां वह श्रमिकों को गन्ने की खेत की कटाई मे लगाने के बाद वहां से रुपए लेकर चम्पत हो गया था। कर्नाटक में बंधुआ मजदूर बने श्रमिकों ने गांव में खबर की तो नाबालिगों के परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद एक पुलिस दल को बंधक बनाए नाबालिग एवं युवकों को मुक्त कराने कर्नाटक भेजा गया था। कर्नाटक में बंधुआ मजदूर की तरह रह रहे श्रमिकों को मुक्त करा लिया गया तथा उन्हें लेकर टीम बालाघाट आ रही है। आरोपी आरोपी विजय नगपुरे के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अपहरण के शिकार हुए नाबालिगों के नाम शैलेंद्र यादव, दिलीप यादव, विपिन, विकास एवं सूरज बताए हैं।
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